सोमवार, 10 नवंबर 2014

नष्ट हो जाएंगे भारत के राजनीतिज


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अपनी तुच्छ बुद्धि को ही शाश्वत
समझकर कुछ मूर्ख ईश्वर
की तथा धर्मग्रंथों की प्रामाणिकता मांगने
का दुस्साहस करेंगे इसका अर्थ है उनके पाप जोर मार रहे
हैं।''
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पुराणों में भारत में आज तक होने वाले
सभी शासकों की वंशावली का उल्लेख
मिलता है। पुराणकार
पुराणों की भविष्यवाणियों का अलग-अलग अर्थ
निकालते हैं। यहां प्रस्तुत हैं भागवत पुराण में दर्ज
भविष्यवाणी के अंश।
''
ज्यों-ज्यों घोर कलयुग आता जाएगा त्यों-त्यों सौराष्ट्र, अवंति,
अधीर, शूर, अर्बुद और मालव देश के
ब्राह्मणगण संस्कारशून्य हो जाएंगे तथा राजा लोग
भी शूद्रतुल्य हो जाएंगे।''
यहां शूद्र का मतलब उस आचरण से है, जो वेद विरुद्ध है।
मांस, मदिरा और संभोगादि प्रवृत्ति में ही सदा रत
रहने वाले राक्षसधर्मी को शूद्र कहा गया है।
जो ब्रह्म को मानने वाले हैं वही ब्राह्मण है।
आज की जनता ब्रह्म को छोड़कर
सभी को पूजने लगी है। जब
सभी वेदों को छोड़कर संस्कारशून्य हो जाएंगे
तब...
''
सिंधुतट, चंद्रभाग का तटवर्ती प्रदेश,
कौन्तीपुरी और कश्मीर
मंडल पर प्राय: शूद्रों का संस्कार ब्रह्मतेज से
हीन नाममात्र के द्विजों का और म्लेच्छों का राज
होगा। सबके सब राजा (राजनेता) आचार-विचार में म्लेच्छप्राय
होंगे। वे सब एक ही समय में भिन्न-भिन्न
प्रांतों में राज करेंगे।''

आप जानते हैं कि सिंधु के ज्यादातर
तटवर्ती इलाके अब पाकिस्तान का हिस्सा बन गए
हैं। कुछ कश्मीर में हैं, जहां नाममात्र के द्विज
अर्थात ब्राह्मण हैं। इन सभी (म्लेच्छों) के बारे
में पुराणों में लिखा है कि... ''ये सबके सब परले सिरे के झूठे,
अधार्मिक और स्वल्प दान करने वाले होंगे।
छोटी बातों को लेकर ही ये क्रोध के मारे
आग-बबूला हो जाएंगे।''
अब आगे पढ़िए कश्मीर में ब्राह्मणों के साथ
जो हुआ, ''ये दुष्ट लोग स्त्री, बच्चों, गौओं और
ब्राह्मणों को मारने में
भी नहीं हिचकेंगे। दूसरे
की स्त्री और धन हथिया लेने में ये
सदा उत्सुक रहेंगे। न तो इन्हें बढ़ते देर
लगेगी और न घटते।
इनकी शक्ति और आयु
थोड़ी होगी। राजा के वेश में ये म्लेच्छ
ही होंगे।''
पूरे देश की यही हालत है अब
राजा (राजनेता) न तो क्षत्रित्व धारण करने वाले रहे और न
ही ब्राह्मणत्व। राजधर्म तो लगभग समाप्त
ही हो गया है तो ऐसी स्थिति में, ''वे
लूट-खसोटकर अपनी प्रजा का खून चूसेंगे। जब
ऐसा शासन होगा तो देश की प्रजा में
भी वैसा ही स्वभाव, आचरण, भाषण
की वृद्धि हो जाएगी। राजा लोग
तो उनका शोषण करेंगे ही, आपस में वे
भी एक-दूसरे को उत्पीड़ित करेंगे और
अंतत: सबके सब नष्ट हो जाएंगे।''
जब सब नष्ट हो जाएंगे तब क्या होगा...? इसके आगे
भी पुराणों में भविष्यवाणी कर
रखी है। पढ़ते रहिए वेबदुनिया.कॉम।

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